बुधवार, 6 अगस्त 2008

मेहदी हसन साहिब


आवाज़ और अदायगी में ये सादगी और शालीनता किसी महान् गायक के पास ही हो सकती है, इतना महान् कि जिसे अपनी अज़मत क़ुबूल करने में हया आती है। लता ने क्या ही ख़ूब उपमा दी थी कि कि मेहदी साहिब को मैं रोज़ाना अलसुबह सुनती हूँ, उनकी आवाज़ में भगवान गाता है। मैं एक मामूली टीवी पत्रकार हूँ, सँगीत की गहरी क्या, सामान्य समझ भी नहीं रखता, लेकिन ये मेहदी ही हैं जिनका जादू दिलों को क़ाबू में कर लेता है। बता नहीं सकता कि कितनी ही बार मेहदी साहिब की एक-एक ग़ज़ल को कितनी हज़ार बार सुन चुका हूँ और सुनते रहना चाहता हूँ। दिल मेहदी हसन को गाता है। मेहदी साहिब बीमार हैं, मेरे साथ आप भी उनकी सेहतयाबी की दुआ करें। मेहदी साहिब का मानवता पर बड़ा अहसान है।
इस ब्लॉग में उनकी ग़ज़लों के ऑडियो और टेक्स्ट देने की कोशिश करूँगा। शायद कुछ हक़ अदा हो जाए।
-अख़लाक़ उस्मानी

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